EPFO ने बदले PF के बड़े नियम: क्लेम, ट्रांसफर और पेंशन प्रक्रिया हुई आसान, कर्मचारियों को मिलेंगी कई नई सुविधाएं

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने अपने करोड़ों सदस्यों के लिए बड़ी प्रशासनिक व्यवस्था लागू करते हुए ‘सेंट्रलाइज्ड आईटी इनेबल्ड सर्विसेज’ (सीआईटीईएस) परियोजना के तहत सभी सदस्यों का डाटा एक केंद्रीकृत प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मंडाविया के अनुसार, इस बदलाव से ईपीएफओ की सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक होंगी। नया सिस्टम पुराने मॉडल की जगह लेगा, जिसमें प्रत्येक क्षेत्रीय कार्यालय अपना अलग डाटाबेस संचालित करता था।

अब देश में कहीं से भी होगी सर्विस रिक्वेस्ट की प्रोसेसिंग

सीआईटीईएस लागू होने के बाद ईपीएफओ सदस्यों की सेवा संबंधी सभी रिक्वेस्ट देश के किसी भी अधिकृत केंद्र से प्रोसेस की जा सकेंगी। सदस्य पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद एक ही डिजिटल इंटरफेस पर सदस्यता का विवरण, पीएफ बैलेंस, क्लेम की स्थिति, पेंशन सेवा रिकॉर्ड और अन्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे।

क्लेम से पहले होगी स्वत: जांच

नई व्यवस्था में सभी क्लेम पहले स्वचालित पूर्व सत्यापन प्रक्रिया से गुजरेंगे। इससे दस्तावेजों में किसी भी कमी या त्रुटि की पहचान पहले ही हो जाएगी और सदस्य को आवश्यक सुधार की जानकारी मिल जाएगी। इससे क्लेम खारिज होने की संभावना कम होगी और पहली बार में ही क्लेम स्वीकृत होने की दर बढ़ने की उम्मीद है।

5 लाख रुपये तक के एडवांस क्लेम होंगे ऑटो प्रोसेस

ईपीएफओ ने एडवांस क्लेम के ऑटो सेटलमेंट की सीमा बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है। इससे पहले यह सीमा 1 लाख रुपये थी। इसके साथ ही सदस्य यह भी देख सकेंगे कि वे विभिन्न श्रेणियों में कितनी राशि निकालने के पात्र हैं, जिससे आवेदन प्रक्रिया अधिक आसान होगी।

ऑनलाइन मिलेगा हर सवाल का जवाब

क्लेम प्रक्रिया के दौरान यदि किसी अतिरिक्त जानकारी या स्पष्टीकरण की आवश्यकता होगी तो इसकी सूचना ऑनलाइन दी जाएगी। सदस्य डिजिटल माध्यम से ही जवाब दे सकेंगे, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक तेज और पारदर्शी बनेगी।

तेज भुगतान और अधिक ब्याज का लाभ

नई व्यवस्था के तहत क्लेम का भुगतान केंद्रीकृत भुगतान प्रणाली के माध्यम से सीधे बैंक खाते में किया जाएगा। इसके अलावा अब पीएफ सेटलमेंट पर ब्याज की गणना भुगतान स्वीकृति की तारीख तक की जाएगी। इससे सदस्यों को पहले की तुलना में अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलेगा।

निकासी के नियम हुए आसान

ईपीएफओ ने पीएफ निकासी से जुड़े 13 अलग-अलग नियमों को घटाकर तीन सरल श्रेणियों में विभाजित कर दिया है। इसके अलावा सदस्य अब अपने कुल पीएफ बैलेंस का 75 प्रतिशत तक निकाल सकेंगे, जिससे जरूरत के समय धनराशि प्राप्त करना आसान होगा।

नौकरी बदलने पर पीएफ अपने आप होगा ट्रांसफर

आधार से जुड़े यूनिवर्सल अकाउंट नंबर वाले पीएफ खातों में नौकरी बदलने पर अब राशि स्वत: स्थानांतरित हो जाएगी। इसके लिए अलग से ट्रांसफर आवेदन देने की आवश्यकता नहीं होगी।

पेंशनभोगियों को भी मिली बड़ी राहत

कर्मचारी पेंशन योजना के तहत पेंशनभोगी अब सेवा संबंधी कार्य या जीवन प्रमाण पत्र देश के किसी भी पीएफ कार्यालय में जमा कर सकेंगे। साथ ही किसी भी क्षेत्रीय कार्यालय से स्वीकृत पेंशन का भुगतान देश में किसी भी बैंक खाते में कराया जा सकेगा। पहले यह सुविधा केवल संबंधित पेंशन भुगतान आदेश से जुड़े कार्यालय तक सीमित थी।

 

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